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कावड यात्रा न निकालने का दिया निर्देश

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बस्ती(रुबल कमलापुरी)।दुबौलिया थाना परिसर में सावन माह में निकलने वाले कावर यात्रा को लेकर बैठक आयोजित किया गया।प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्राम प्रधानों के साथ गांव के युवा वर्ग भी मौजूद रहा।बैठक में प्रभारी निरीक्षक ने कावर यात्रा न निकालने का निर्देश दिया, उन्होंने कहा आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।बैठक में एस.आई आशुतोष शुक्ल, नन्दलाल सरोज, मधुसूदन उपाध्याय, बलवंत सिंह, हीरा सिंह, शिवकुमार मिश्र,शिवशंकर, अनिल सिंह, राम बिशुन आदि मौजूद रहे।

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सुशील ऑटोमोबाइल्स का कारनामाः वीएस-6 का पैसा लेकर बेंच दी वीएस-4 बाइक

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बस्ती(रुबल कमलापुरी)। व्यापारियों के लिये ग्राहक देवता समान होता है लेकिन दो पहिया बेंचने वाले एक व्यापारी ने ग्राहक को ऐसा चूना लगाया है कि वह खुद को ठगा महसूस करने के साथ न्याय के लिये दर दर भटकने को मजबूर है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा के रहने वाले जाबिर अली पुत्र मो. इद्रीश ने पुलिस अधीक्षक को दिये शिकायती पत्र में इस ठगी का जिक्र करते हुये मामले की जांच कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग किया है।
जाबिर अली का कहना है कि वे स्टेशन रोड स्थित सुशील ऑटोमोबाइल्स पर पहुंचकर 21 मई 2020 को एक हीरो सुपर स्प्लेण्डर खरीदने पहुंचे। एजेंसी ने 75,288 रूपया लेकर वीएस-6 की जगह वीएस-4 गाड़ी दे दिया। इतना ही नही गाड़ी भी पुरानी थी, किसी दूसरे के नाम पहले से पंजीकृत थी। गाड़ी में कुछ जगहों पर स्क्रेच भी थे, सीट कवर पुराना था। ग्राहक का कहना है कि उन्हे कोई शक नही था कि मई माह में खरीदी जा रही गाड़ियां वीएस-4 हो सकती है। पैसा वीएस-6 का लिया गया और उसकी जगह पूरानी गाड़ी बेंच दी गयी। दरअसल 31 मार्च 2020 को कोर्ट ने वीएस-4 गाड़ियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था।लाकडाउन से प्रभावित व्यापार को डूबने से बचाने के लिये शातिर एजेंसी मालिक ने वीएस-4 मॉडल गाड़ियों को दूसरे विभिन्न नामों पर बेंच दिया। बाद में ग्राहकों को बेवकूफ बनाकर यूं ही उन्हे चूना लगाया जा रहा है। पीड़ित के मुताबिक उसे इस बात की जानकारी तब हुई जब बीमा के कागजात और रजिस्ट्रेशन के कागजात दिये गये। वे जब इस मामले में शिकायत करने उजेंसी पहुंचे तो उनके कर्मचारी श्याम बिहारी ने धक्का देकर बाहर निकालने का प्रयास किया। धमकी दी गयी कि ज्यादा बोलोगे तो मारकर हाथ पैर तोड़ देंगे और जान से भी जाओगे। पीड़ित ने मामले को गंभीर प्रकरण बताते हुये पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा से मुकदमा दर्ज करवाकर सख्त कार्यवाही करन की मांग किया है। आरोपों को एजेंसी ने खारिज कर दिया है।

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करोड़ो रामभक्तो,उनके बलिदानों और 500 साल के संघर्ष का प्रतिफल 5 अगस्त 2020 – यशकांत सिंह

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बस्ती(रुबल कमलापुरी)। राम मंदिर की आधारशिला कल 5 अगस्त को मोदी जी द्वारा रखी गई । लाखो राम भक्तो के लिए यह अत्यंत प्रसन्नता का अवसर है । इस अवसर पर यशकांत सिंह जो राम मंदिर आंदोलन में शामिल थे पूरे उल्लास के साथ इस पावन अवसर को मनाया। उन्होंने ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है, 500 वर्षों का कड़ा संघर्ष, लाखों बलिदान का परिणाम है यह सुखद दिवस। मुझे याद है, श्री राम जन्मभूमि आन्दोलन का संकल्प दिवस मोक्षदायिनी मां सरयू के पावन तट पर सम्पन्न हुआ था। यहीं से श्री राम जन्म भूमि आन्दोलन से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसी दौरान विश्व हिन्दू परिषद् के आवाह्न पर 30 अक्टूबर 1990 के श्री राम जन्म भूमि कारसेवा की तिथि तय की गई। बजरंग दल के जिला संयोजक के रूप में आवाह्न हेतु कारसेवकों को प्रेरित करने में लग गया। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सितम्बर 1990 में हम सबको राम जन्म भूमि की कारसेवा से पूर्व ही निरूद्व कर जिला कारावास देवरिया भेजा। कुछ दिनों के पश्चात जिला कारावास गोरखपुर में स्थानान्तरित किया गया। 06 दिसम्बर 1992 के कारसेवा आवाह्न में विश्व हिन्दू परिषद के जिला महामंत्री के रूप में कारसेवकों को लेकर अयोध्या गया। भव्य राम मन्दिर निर्माण का सपना मुझ सहित करोड़ों राम भक्तों के आस्था और विश्वास की पुर्नस्थापना है। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी, उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का अभिन्दन। करोड़ों राम भक्तों को हार्दिक शुभकमानाएं।

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टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए आगे आईं निजी संस्थाएं

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बस्ती(रुबल कमलापुरी)। टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) व एक सामाजिक संस्था आगे आए हैं। दोनों ने जिले के 21 मरीजों का जिम्मा उठाया है। शासन ने सभी मंडल व जिला स्तरीय अधिकारियों को टीबी के मरीजों को गोद लेकर उनके इलाज का जिम्मा उठाने के लिए योजना लागू की है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्र में काम करने वाली एनजीओ ग्रामीण विकास सेवा समिति ने 15 मरीजों को गोद लिया है। संस्था जिन ब्लॉकों में काम करती है, वहीं के मरीजों की जिम्मेदारी उसे सौंपी गई है। सभी मरीज की उम्र 17 साल या उससे कम है। शहर की सामाजिक संस्था चित्रांश क्लब बस्ती ने छह मरीजों को गोद लिया है। संस्था को मरीजों की सूची जल्द ही सौंप दी जाएगी। इसमें ज्यादातर मरीज शहरी क्षेत्र के ही होंगे। संस्थाओं के इस कदम का आने वाले दिनों में प्रभाव पड़ेगा तथा अन्य लोग भी मरीजों को गोद लेने के लिए आगे आएंगे। डीटीओ ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है। स्वास्थ्य विभाग इसी लक्ष्य के अनुसार काम कर रहा है। मरीजों की पहचान कर उनका कोर्स पूरा कराना इस समय सबसे मुख्य काम है। आम तौर से देखा जाता है कि मरीज तो चिन्ह्ति हो जाते है लेकिन किसी कारण से उनका कोर्स पूरा नहीं हो पाता या खान-पान की कमी से उनकी समस्या बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए मरीजों को गोद लेने की योजना शुरू की गई है। इस योजना में जिस मरीज को कोई गोद लेता है, उसका इलाज समय से हो रहा है तथा न्यूट्रीशन की उसे कोई समस्या नहीं है, इस पर विशेष नजर रखनी होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच व दवा की सुविधा पूर्व की तरह मुहैया कराई जाती रहेगी। उन्होंने बताया की इस कार्यक्रम का एक मकसद यह भी है कि लोग टीबी के मरीजों से घबराने के बजाए उन्हें इस रोग से छुटकारा दिलाने में अपनी भूमिका अदा करें।

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