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Ambedkarnagar

ए आर टी ओ साहब की जानकारी में संचालित किये जा रहे हैं प्राइवेट वाहन

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अम्बेडकरनगर। हाइवे पर ही जब हर समय ओवरलोड वाहन देखे जा सकते है तो दूर दराज के इलाको में तो ठसाठस भरे बगैर कोई वाहन चलता तक नही है। वाहनों की छत तो क्या बोनट पर भी सवारियां बैठी रहती है। इस तरह के सैकड़ो वाहन हर रोज चल रहे है, लेकिन परिवहन विभाग नींद में ही है।
यह हकीकत है कि लचर जाँच में लोगो की जान पर बन रही है। पुख्ता जाँच होने से ओवरलोड वाहन तो चलते ही है पुरे जिले में अवैध वाहनों की भी भरमार है। जीपों व् टेम्पो में सवारियों को ऊपर अंदर और पीछे लटकाने के साथ ही बोनट पर भी बैठाया जाता है। महज पांच से सात मीटर पासिंग जीप में तीस से पैतीस सावरिया देखे जाना आम बात है । ऐसे में खुदा न खास्ता वाहन कभी हादसे है शिकार हो जाये तो जान का जोखिम बढ़ जाता है। ये केवल मुख्यालय तक ही नही सिमित है बल्कि पूरे जिले में यही स्थिति बनी हुई है।
इसलिये भरते है ठसाठस ……..
माना जा रहा है कुछ इलाको में रोड वेज बसों की सीधी कनेक्टिविटी नही है। मुख्य मार्गो से जुड़े कुछ गांव जरूर रोडवेज से लाभान्वित हो रहे है, लेकिन दुरस्त इलाको में ऐसी कोई व्यवस्था नही है। गांव से आने जाने वाली जीपों व् टेम्पो में ग्रामीण शहर तक पहुचते है। महज कुछ ही वाहन होने से दिनभर में यात्रा करने वाले लोगो को ले जाने पर भी दो तीन ट्रिप ही हो पाती है। ऐसे में वाहन ठसाठस ही भरे जाते है।
अवैध वाहनों से सफर की मज़बूरी….
जहाँ बसे कम चलती है उन इलाकों में भी महज कुछ बसे होने से टैक्सी वालो की चाँदी रहती है। और कोई वाहन नही मिलने से लोग टैक्सीयों में सफर करने को मजबूर होते है। क्षमता से अधिक ठूस ठूस कर सवारियां भरने व् तेज रफ़्तार से भागने का नतीजा कई बार हादसों के रूप में मिलता है। चालक ज्यादा कमाई के चक्कर में ठूस ठूसकर सवारियां भरने में कोई हिचकिचाहट नही करते।
यहाँ तक कि प्राइवेट जीप भी कामेरसियाल में चलाये जा रहे हैं।दोस्तपुर रोड पर25वर्ष पुरानी जीप फर्राटा भरती नजर आएगी ।
………..इस बारे में जब परिवहन अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका एक ही उत्तर रहता है कि समय समय पर कार्यवाही की जाती है।लेकिन इन गाड़ियों पर ध्यान क्यों नहीं पड़ता ।
कही ना कही प्रशासन की मिलीभगत दिखायी देती है।
प्रशासन द्वारा स्वयं राजस्व की छति की जा रही है।

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ज़िला अस्पताल CMS की बिगड़ी तबियत, पीजीआई रेफर

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ब्यूरो अंशुमाली कान्त चतुर्वेदी

अंम्बेडकरनगर ज़िला अस्पताल के सीएमएस की तबियत खराब होने के चलते रेफर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक कोरोना की जांच व इलाज़ के लिए लखनऊ रेफेर किया गया है।
महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस संत प्रकाश गौतम का कल देर रात अचानक से तबीयत खराब होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जानकारी मिलते ही प्रातः जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र एवं पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी मौके पर पहुंचकर सीएमएस का हालचाल जाना l जिसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें तत्काल पीजीआई लखनऊ के लिए एंबुलेंस द्वारा भिजवाया गया। दो दिन पहले ज़िला अस्पताल का स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित पाया गया था।

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हावड़ा से अकबरपुर पहुंची श्रमिक सुपरफास्ट ट्रेन

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अंशुमाली कान्त चतुर्वेदी
अंबेडकरनगर श्रमिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन। गाड़ी संख्या 03107 जो हावड़ा (कोलकाता )से चलकर अकबरपुर, अंबेडकरनगर रेलवे स्टेशन पर 10:00am पर पहुंची l श्रमिक सुपरफास्ट ट्रेन में कुल 031 यात्री सवार थे l इस दौरान मौके पर उप जिलाधिकारी अकबरपुर एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे l ट्रेन के रेलवे स्टेशन पहुंचने के उपरांत सभी यात्रियों को एक-एक कर से क्रमवार ट्रेन से उतारते हुए पानी की बोतल, बिस्किट एवं बच्चों के लिए दूध उपलब्ध कराते हुए सभी को बसों में बिठाकर सुरक्षित एकलव्य स्टेडियम ले जाया गया l इसके उपरांत सभी यात्रियों को भरपेट भोजन कराया गया lसाथ ही साथ इन सभी यात्रियों का स्कैनिंग जांच कराने के उपरांत इन्हें इनके गंतव्य के लिए बसों में बिठाकर रवाना किया गया l

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ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर तक फैला हुआ है सरकारी जमीनों पर कब्जा करने का सिलसिलाभू-माफियाओं से रहती है पुलिस की मिलीभगत

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ब्यूरोः अंशुली कान्त चतुर्वेदी

अंम्बेडकरनगर शहर व शहर से लगे लाखों व करोड़ों रुपए की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है। जमीन दलाल इस तरह से ग्रामीणों की जमीन को पिछले कई सालों से पुरानी कीमत में एग्रीमेंट कर लिया और जमीन की पूरी रकम नहीं दी गई। लेकिन अब जमीन की कीमत बढ़ने पर ग्रामीण रजिस्ट्री कराने व बेचने से इनकार कर रहे हैं। इस स्थिति में भू-माफिया पुलिस से मिलीभगत कर ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर जमीन को औने-पौने दाम में खरीदने का षडयंत्र कर रहे हैं।
नगर पालिका परिषद अकबरपुर क्षेत्र केअंदर हो रहे नगरपालिका की जमीनों पर कब्जे मे अधिकारी-कर्मचारियों के साथ भू-माफिया की भी मिलीभगत है। अंबेडकरनगर नगर के अकबरपुर नगर पालिका परिषद के अंदर किसी भी जगह कोई नगर पालिका परिषद अकबरपुर की जमीन पर बेखौफ कब्जा कर लेते हैं और नगर पालिका प्रशासन मूकदर्शक बनकर देखती रहती है। इसी प्रकार एक खसरा नंबर और उसके रकबा को सेटलमेंट के समय और आज के समय से मिलान करें तो काफी मात्रा में यह रकबा बढ़ा हुआ मिलेगा, जिसका स्थानीय रजिस्ट्रार द्वारा रजिस्ट्री भी किया जा चुका है जबकि खसरा नंबर का हजारों बटांकन हो सकता है, परंतु रकबा सेटलमेंट के समय का ही रहेगा।
शहर की सीमा में स्थित शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को शासकीय योजनाओं का भी लाभ मिलने लगा है। इनके पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड और राशन कार्ड भी बन जाते हैं।
अंबेडकर नगर के अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में कब्जाधारियों द्वारा बेतहाशा शासकीय जमीन में कब्जा किया जा रहा हैं। इनसे अपराध बढ़ रहे हैं परंतु अभी तक किसी भी तरह का कब्जाधारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई।
नगर पालिका परिषद अकबरपुर
अपने जमीन को बचाने में असफल है कारण यही है कि वार्ड में भू-माफिया उक्त जमीन को अपने नाम से खाता में नाम चढ़ाने में सफल हो रहे हैं।

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