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जिन्हें योग इस्लाम विरोधी दिखता है उन्हें पाकिस्तान और ईरान की तरफ देखना चाहिए

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भारत में योग चर्चा के साथ-साथ विवाद भी बटोरता रहा है. कुछ समय पहले सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि योग इस्लाम के खिलाफ है. उनका तर्क था कि एक मुसलमान सिर्फ इबादत के लिए अल्लाह के सामने सिर झुकाता है और वह सूर्य नमस्कार करके सूरज के सामने क्यों सिर झुकाए. दो साल पहले जब पहला योग दिवस मनाया गया था तो इस मौके पर पाकिस्तान जाने वाले योग प्रशिक्षक को वीजा देने से इनकार कर दिया गया था. इस प्रशिक्षक को वहां जाकर भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को योग करवाना था. उसी दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी कहा था कि योग इस्लाम की भावना के खिलाफ है.
इन खबरों से किसी को यह लग सकता है कि मुस्लिम बहुल देश योग के खिलाफ हैं. लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. पाकिस्तान में योग खूब फल-फूल रहा है. वहां इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में ही नहीं, देहात में भी कई लोगों को योग करते देखा जा सकता है. उन्हें योग से खूब फायदे भी हो रहे हैं. पाकिस्तान में लोगों को योग में कुछ भी इस्लामविरोधी नहीं लगता. उनके लिए योग सिर्फ सेहत की दवा है. पाकिस्तान में योग की लोकप्रियता और स्वीकार्यता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वहां टीवी पर योग से जुड़े कार्यक्रम आना एक सामान्य बात है.
भारत में योग चर्चा के साथ-साथ विवाद भी बटोरता रहा है. कुछ समय पहले सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि योग इस्लाम के खिलाफ है. उनका तर्क था कि एक मुसलमान सिर्फ इबादत के लिए अल्लाह के सामने सिर झुकाता है और वह सूर्य नमस्कार करके सूरज के सामने क्यों सिर झुकाए. दो साल पहले जब पहला योग दिवस मनाया गया था तो इस मौके पर पाकिस्तान जाने वाले योग प्रशिक्षक को वीजा देने से इनकार कर दिया गया था. इस प्रशिक्षक को वहां जाकर भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को योग करवाना था. उसी दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी कहा था कि योग इस्लाम की भावना के खिलाफ है.
इन खबरों से किसी को यह लग सकता है कि मुस्लिम बहुल देश योग के खिलाफ हैं. लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. पाकिस्तान में योग खूब फल-फूल रहा है. वहां इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में ही नहीं, देहात में भी कई लोगों को योग करते देखा जा सकता है. उन्हें योग से खूब फायदे भी हो रहे हैं. पाकिस्तान में लोगों को योग में कुछ भी इस्लामविरोधी नहीं लगता. उनके लिए योग सिर्फ सेहत की दवा है. पाकिस्तान में योग की लोकप्रियता और स्वीकार्यता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वहां टीवी पर योग से जुड़े कार्यक्रम आना एक सामान्य बात है.
धर्म के बजाय योग को विज्ञान की नजर से देखा जाए
शमशाद हैदर पाकिस्तान में योग की अलख जगा रहे लोगों में से एक हैं. उन्होंने योग की तालीम भारत में हासिल की है. शमशाद का कहना है कि धर्म की बजाय योग को विज्ञान के चश्मे से देखा जाना चाहिए. बल्कि वे तो मानते हैं कि योग सिर्फ भारत ही नहीं, पाकिस्तान की भी धरोहर है. शमशाद के कई दोस्त पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में योग सिखा रहे हैं. पाकिस्तान में कई योग क्लब हैं. वहां जाने वाले लोग खुद कहते हैं कि योग की वजह से उन्हें कई बीमारियों में फायदा हुआ है. लाहौर में सिर्फ महिलाओं के लिए चलने वाले इंडस योगा हेल्थ क्लब में योग प्रशिक्षक आरिफा जाहिद कहती हैं, ‘घर-बाहर की तमाम जिम्मेदारियों के चलते आदमी इतना बिखर चुका है कि उसे सिर्फ योग जोड़ सकता है.’
एक वक्त था जब आरिफा खुद अपनी घुटनों की तकलीफ से परेशान थीं. तमाम डॉक्टरों से राय लेने और दवाएं खाने के बावजूद जब यह तकलीफ ठीक नहीं हुई तो उन्होंने मान लिया था कि अब उन्हें सारी उम्र लंगड़ाकर चलना पड़ेगा. फिर उन्हें योग के बारे में पता चला. आरिफा ने इसे आजमाया और उन्हें इतना फायदा हुआ कि उन्होंने दूसरी महिलाओं को भी योग सिखाने का फैसला कर लिया. आज उनके क्लब में योग सीखने वालों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा सकती है. योग से जुड़ा उनका एक कार्यक्रम समाचार चैनल पर भी आता है.
भारत में कई उलेमा योग और सूर्यनमस्कार के दौरान ओम के उच्चारण के चलते इसे इस्लाम विरोधी बताते रहे हैं. सरहद पार आरिफा ने इसका सरल हल निकाल लिया है. सूर्य नमस्कार की शुरुआत में वे कहती हैं, ‘बिस्मिल्लाह पढ़ लीजिए.’ पाकिस्तान के चर्चित योग विशेषज्ञ योगी वजाहत कहते हैं, ‘उसे उर्दू में बयां करें या संस्कृत में, फूल की खुशबू तो वही है.’ यानी योग आया कहीं से भी हो, उससे फायदा सबको होना है.
पाकिस्तान में योग के बढ़ते चलन से हो रहे फायदे यहीं खत्म नहीं होते. वहां इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी पैदा हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि कई

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Kushi Nagar

लोकल मंडी में सब्जियों को देखते ही ताख पर सभी नियम रखते हुए झुंड में घुसी जनता,

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कुशीनगर

लोकल मंडी में सब्जियों को देखते ही ताख पर सभी नियम रखते हुए झुंड में घुसी जनता,

कुशीनगर/अहिरौली

मंडल चीफ बयूरो विनय तिवारी की रिपोर्ट,

अहिरौली थाना छेत्र अंतर्गत सिंदुरिया बाजार में सुबह 6 बजे मंडी में प्रशासन के मना करने के बावजूद।लोकल सब्जी विक्रेताओं ने जैसे ही मंडी में गिराई बोरियां देखते ही देखते मधुमखी की झुंड की तरह जनता,जिनसे नित्य प्रशासन,सरकार निवेदन कर रही कि आप घरों में रहे।सभी सुविधा आपको डोर टू डोर उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।
इन सूचनाओ,निवेदन को भी दर किनार करते हुए यही पढ़ी लिखी जनता सभी नियमो को दिखा रही ठेंगा।

और दे रही निमंत्रण क्रोना जैसे गम्भीर महामारी को।

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Gorakhpur

एस पी नार्थ अमित कुमार पांडेय व थाना प्रभारी ने दलबल के साथ किया फ्लैग मार्च पिपराईच,

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एस पी नार्थ अमित कुमार पांडेय व थाना प्रभारी ने दलबल के साथ किया फ्लैग मार्च पिपराईच,

गोरखपुर,

मंडल चीफ बयूरो विनय तिवारी की रिपोर्ट,

गोरखपुर/

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर सुनील कुमार गुप्ता के निर्देशानुसार जहाँ नागरिकता संशोधन बिल का एक तरफ देश भर में विरोध चल रहा है तो वही कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए आज पिपराईच थाने के क्षेत्र में एस पी नार्थ व थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह अपने हल्का प्रभारी और कांस्टेबलों के साथ पिपराईच के पूरे कस्बे में लोगो को एहसास दिलाने हेतु किया फ्लैग मार्च किया।

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Gorakhpur

दैनिक समाचार पत्र निर्वाण् टाइम्स भटहट कार्यालय का विशिष्ठ अतिथि यातायात ट्रैफिक टीआई, सुनील सिंघाल जी ने फीता काटकर किया कार्यालय का उदघाटन,

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गोरखपुर/भटहट,

दैनिक समाचार पत्र निर्वाण् टाइम्स भटहट कार्यालय का विशिष्ठ अतिथि यातायात ट्रैफिक टीआई, सुनील सिंघाल जी ने फीता काटकर किया कार्यालय का उदघाटन।

पंकज मोदनवाल की विशेष रिपोर्ट,

भटहट में निर्वाण टाइम्स हिंदी दैनिक समाचार पत्र गोरखपुर के मंडलीय कार्यालय का उदघाटन फीता काटकर व दीप जला कर मुख्य अतिथि टैफिक टीआई गोरखपुर सुनील सिन्हाल ने किया । विशिष्ट अतिथि भटहट चौकी प्रभारी विनोद सिंह जी रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित दैनिक जागरण के पत्रकार हरिकृष्ण पांडेय ने कहा कि पत्रकार बन्धुओं में सँगठिक न होने के कारण पत्रकारों का उत्पीड़न हो रहा है। किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न हो रहा है तो बिना भेदभाव के सभी लोगो को सहयोग करना चाहिए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्यापार मण्डल अध्यक्ष सुनील मोदनवाल ने कहा कि मीडिया के लोगो को लोग समाज का चौथा स्तम्भ कहते है लेकिन मैं तो कहता हू मीडिया समाज का चौथा नही पहला होना चाहिए। कार्यक्रम को भाजपा की मीडिया प्रभारी रानी मिश्रा , दिब्य चिराग एजुकेशनल की प्रबन्धक सपना पाण्डेय ,प्रसार भारती महिला प्रकोष्ठ गोरखपुर की अध्यक्ष मीनाक्षी राय,रूपेश बर्मा संपादक, एडवोकेट भानु तिवारी, सीएम त्रिपाठी ने भी किया सम्बोधित। कार्यक्रम में भटहट चिकित्सा प्रभारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों को निर्वाण टाइम्स की तरफ से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ निर्वाण टाइम्स के मण्डल ब्यूरो चीफ विनय त्रिपाठी को भी हिंदुस्तान के पत्रकार व रूपेश बर्मा ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का पूरा संचालन काव्य, शिरोमणि दुबे के द्वारा हुआ संचालित। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आये हुए अतिथियों ने धन्यवाद देते हुए आगे बढ़ने पूरी टीम को दिया अपना आशीष। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मंडल चीफ ब्युरो विनय त्रिपाठी, पंकज मोदनवाल रिपोर्टर भटहट, संजीव जायसवाल (जिला अपराध संवाददाता) रामनवमी साहनी, नन्हे लाल , जितेन्द्र कुमार ,राजेश कुमार शिलानकुर , हिमांशू श्रीवास्तव के साथ पूरी निर्वाण् टाइम्स के मंडलीय पत्रकारों ने दिया अपना योगदान।

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